मर्दाना शक्ति बढाने के लिए बेहतरीन उपाय।

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Mardana Shakti Badhaane ka Rambaan Upaaye मर्दाना शक्ति बढाने के लिए बेहतरीन उपाय।हरि ॐ 
1. अपने सेक्स जीवन के  रीसेट बटन को  दबाएं  यदि आप एक यौन कूट में युग्मित और अटक गए हैं, तो आप अके
ले नहीं हैं। जबकि सूखे मंत्र किसी भी रिश्ते का एक सामान्य हिस्सा हैं, यह अभी भी एक अनुभव करने वाले जोड़ों के लिए कोई सांत्वना नहीं है। "गर्ल सेक्स 101" के एलीसन मून लेखक हेल्थलाइन ने कहा, "परिचितता सेक्स ड्राइव की मौत है।" "जितना अधिक हम किसी के लिए अभ्यस्त होते हैं, उतना कम रोमांचक सेक्स हो जाता है।"

यहां कुछ त्वरित युक्तियां दी गई हैं - जिनमें से कुछ मैंने कोशिश की हैं - यदि आपके सेक्स जीवन में कमी है, तो जुनून को राज करने में मदद करने के लिए।

2. एक नए तरीके से अपने शरीर की ऊर्जा को मुक्त करें  "नाच जाओ या योग का प्रयास करो," चंद्रमा कहते हैं। "एक बार जब आप अपने स्वयं के शरीर के साथ अपने संबंध की पुष्टि कर लेते हैं, तो आप अपने साथी के शरीर के साथ अपने संबंध की पुष्टि कर सकते हैं।" एक सर्वेक्षण में पाया गया कि युग्मित लेकिन यौन रूप से निष्क्रिय लोग द…

मच्छरों के काटने से कैसे बचें।


Machharo Ke Kaatne Se Kese Bachay


मच्छरों के काटने से कैसे बचें। 

हरि ॐ


जी नहीं, मच्छर काटते नहीं बल्कि खून चूसते हैं। जानते हैं वो हर बात जो हमें मच्छर के बारे में पता होनी चाहिए, ताकि हम दुनिया में जहां भी रहें मच्छरों से अपना बचाव कर सकें।


मच्छरों के काटने से कैसे बचे?
 मच्छर खून चूसते हुए

डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों से हर साल दुनिया में मच्छरों से होने वाली बीमारियों से 7,00,000 से ज्यादा लोग मर जाते हैं और सिर्फ मौतें ही नहीं होती बल्कि बाजार भी खूब चलता है और मच्छरों के नाम से 25,000 करोड़ के प्रोडक्ट मार्केट में बिक जाते हैं।
१८९७ में रोनाल्ड रॉस ने बताया था कि मलेरिया मच्छरों से फैलता है उससे पहले किसी को पता नहीं था कि मलेरिया जैसी घातक बीमारी मच्छरों के कारण फैलती है।
मच्छर हमारे बीच कब से हैं ?
वैज्ञानिक मानते हैं कि मच्छरों का जन्म सबसे पहले अफ्रीका में हुआ था और शुरु-शुरु के मच्छर अब के मच्छरों से तीन गुना बड़े होते थे। ये डायनासोर के जमाने से हमारे आसपास हैं।
अब मच्छर काटते क्यों हैं?
यहां दो बातें समझने की है पहली कि मच्छर कभी काटते नहीं है मच्छर खून चूसते हैं इसके लिए उनके पास एक सूंड जैसी ट्यूब होती है जिसे स्किन पर गढ़ा कर ये मच्छर खून चूस लेते हैं और इसे हम काटना कह देते हैं।
दूसरी बात यह है कि जो मच्छर काटता है वह दरअसल काटता नहीं है, बल्कि वह काटती है क्योंकि वह मादा मच्छर होती है। चाहे मलेरिया की बीमारी हो या डेंगू सभी बीमारियां मादा मच्छर के कारण ही होती हैं।
अब बात करते हैं कि मच्छर खून चूसते ही क्यों है
शायद आप सोचते हैं कि मच्छर इंसानों का खून पीकर ही अपना पेट पालता है लेकिन ऐसा भी नहीं है। मच्छर अपना पेट इंसान के खून से नहीं पालता है वरन पौधों के रस पीकर पालता है। इंसान का खून तो मादा मच्छर को चाहिए होता है ज्यादा प्रोटीन और पौष्टिकता के लिए।
मादा मच्छर को अपने अंडों के लिए प्रोटीन और जरूरी विटामिन चाहिए होते हैं जो इंसान के खून में मिलते हैं इसलिए मादा मच्छर ही इंसान का खून पीती है।
मच्छर के काटने का भी समय होता है। एडीज मादा मच्छर दिन में काटती है और मलेरिया की मादा मच्छर रात में काटती है।
अब कुछ लोगों का कहना है कि मुझे ही क्यों ज्यादा काटते हैं ?
मच्छर के काटने का संबंध इंसान से निकलने वाली दुर्गंध से है न कि मीठे खून से।
लंदन स्कूल ऑफ़ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिंस के अनुसार विज्ञानिक रिसर्च कर रहे थे कि मच्छरों के किसी एक इंसान को ज्यादा काटने का क्या कोई वैज्ञानिक कारण होता है जैसे कि कुछ तरह के लोगों को ज्यादा काटते हैं और कुछ तरह के लोगों को कम काटते हैं।
लंदन स्कूल ऑफ़ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिंस केअनुसार ये जेनेटिक या खून के स्वाद की वजह से नहीं है यह शरीर से आने वाली दुर्गंध की वजह से काटते हैं।
इसीलिए अपने को नहा धोकर साफ़ सुथरा रखने वाले लोगों के पास मच्छर कम और कई दिन से बिना नहाए किसी भी व्यक्ति के आसपास ज्यादा होते हैं। पुराने समय में तो लोग नहाने के बाद सरसों का तेल भी शरीर पर लगा लेते थे जिससे मच्छर कम काटते थे।
जब इंसान सांस को छोड़ते हैं तो उसमें से कार्बन डाई ऑक्साइड निकलती है और यही गैस मच्छरों को अँधेरे में भी आपकी स्थिति को बताती है और वो आपको काट लेते हैं। मच्छरों में एक अंग होता है जो सांस से निकली कार्बन डाइऑक्साइड का पता लगा लेता है।
मच्छर उम्र में बड़े लोगों को ज्यादा काटते हैं क्योंकि बड़ी उम्र के लोग ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं।
मच्छर हमेशा गरम वातावरण पसंद करते हैं इसलिए जब आप एक्सरसाइज करते हैं तो आपका शरीर गर्म रहता है तब आपको मच्छर ज्यादा काटते हैं।
शोधकर्ताओं का मानना है कि बीयर पीने से आपके शरीर का तापमान बढ़ जाता है और ज्यादा मात्रा में एल्कोहल पसीने के साथ बाहर निकलने लगता है जिससे मच्छर आकर्षित होते हैं।
शोधो में पाया गया है कि A ब्लड ग्रुप की अपेक्षा मे O ब्लड ग्रुप वालो को दुगुना मच्छर काटते है | वही B ब्लड ग्रुप वालो को सामान्य काटते है |
यूनिवर्सिटी ऑफ़ फ्लोरिडा के शोध के अनुसार लाल, काले व नीला रंग जैसे रंगो के कपड़ो पहने लोगो को सामान्य लोगो से ज्यादा मच्छर काटता है क्योकी ये रंग सूर्य की गर्मी अवशोषित करते है | मच्छर इन रंगों के प्रति ज्यादा तेजी आकर्षित होते है |
अब प्रश्न यह है कि जब मच्छर इंसान को काट लेता है तब क्या होता है?
जब मच्छर इंसान को काट लेता है तब अक्सर ही बिमारियां होती हैं जैसे डेंगू, मलेरिया, पीला बुखार, चिकनगुनिया इत्यादि।
  • चिकनगुनिया
चिकनगुनिया का मतलब होता है जो मुड़ जाता है क्योंकि चिकनगुनिया के बाद शरीर मुड़ जाता है और चिकनगुनिया मादा एडिस मच्छर के काटने से होता है।
  • फाइलेरिया यानी कि हाथी पांव
यह रोग एक Culex नाम के मच्छर फैलाते है। इसमें हाथ पैर सूज जाते हैं और यह मच्छर फ्लेरियल पैरासाइट को इंसान में छोड़ता है जिससे यह रोग हो जाता है।
पीला बुखार या येलो फीवर
पीला बुखार या येलो फीवर यह बंदर मच्छरों के काटने से होता है इन मच्छरों को बंदर इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह बंदरगाहों के आसपास ज्यादा पाए जाते हैं जबकि इनका बंदरों से कोई संबंध नहीं है।
  • जापानी इंसेफेलाइटिस
यह एक किस्म का दिमागी बुखार है जो सूअरों और मच्छरों से फैलता है और शरीर के संपर्क में आते ही वायरस दिमाग की ओर जाने लगता है जिसका असर सोचने, समझने, देखने, और सुनने की ताकत पर भी पड़ता है। इसका असर 1 से 14 साल के बच्चे या फिर 65 से ज्यादा साल की उम्र के लोगों पर होता है यह बिहार, पूर्वांचल, और उत्तर प्रदेश में हर साल कितनी ही जाने ले लेता है।
  • जीका वायरस
यह भी डेंगू की तरह ही फैलता है। एडिस मच्छर के काटने से होता है। यह मच्छर नम और गर्म जगह पर पाए जाते है। इसलिए भारत में इसका खतरा ज्यादा होता है। यह इतना खतरनाक है कि एक गर्भवती मां से उसके बच्चे में चला जाता है।
अब मच्छरों से बचें कैसे?
  • इसका सबसे अच्छा इलाज है पंखा। पंखें से न तो कोई गंध आती है न ही कोई जहरीली रसायन। अगर पंखा तेज चल रहा होता है तो मच्छर दूर चले जाते हैं क्योंकि उनके उड़ने की गति धीमी होती है।
  • रसायनिक चीजें आपको थोड़ा सा राहत तो देती हैं परंतु समय के साथ घातक सिद्ध होती हैं।
  • घर साफ रखें।
  • पानी इकट्ठा ना होने दें।
  • ज्यादा मच्छर आएं तो पूरी बांह के कपड़े पहने।
  • सबसे अच्छा इलाज है मच्छरदानी लगाएं।

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