मर्दाना शक्ति बढाने के लिए बेहतरीन उपाय।

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Mardana Shakti Badhaane ka Rambaan Upaaye मर्दाना शक्ति बढाने के लिए बेहतरीन उपाय।हरि ॐ 
1. अपने सेक्स जीवन के  रीसेट बटन को  दबाएं  यदि आप एक यौन कूट में युग्मित और अटक गए हैं, तो आप अके
ले नहीं हैं। जबकि सूखे मंत्र किसी भी रिश्ते का एक सामान्य हिस्सा हैं, यह अभी भी एक अनुभव करने वाले जोड़ों के लिए कोई सांत्वना नहीं है। "गर्ल सेक्स 101" के एलीसन मून लेखक हेल्थलाइन ने कहा, "परिचितता सेक्स ड्राइव की मौत है।" "जितना अधिक हम किसी के लिए अभ्यस्त होते हैं, उतना कम रोमांचक सेक्स हो जाता है।"

यहां कुछ त्वरित युक्तियां दी गई हैं - जिनमें से कुछ मैंने कोशिश की हैं - यदि आपके सेक्स जीवन में कमी है, तो जुनून को राज करने में मदद करने के लिए।

2. एक नए तरीके से अपने शरीर की ऊर्जा को मुक्त करें  "नाच जाओ या योग का प्रयास करो," चंद्रमा कहते हैं। "एक बार जब आप अपने स्वयं के शरीर के साथ अपने संबंध की पुष्टि कर लेते हैं, तो आप अपने साथी के शरीर के साथ अपने संबंध की पुष्टि कर सकते हैं।" एक सर्वेक्षण में पाया गया कि युग्मित लेकिन यौन रूप से निष्क्रिय लोग द…

धातु रोग का रामबाण ईलाज।

Dhatu Rog Ka Rambaan Ilaaj

धातु रोग का रामबाण ईलाज। 

हरि ॐ

वर्तमान समय में धातु रोग से बहुत से पुरुष पीड़ित है | यह रोग अत्यधिक कामुक विचारों , अश्लील साहित्य, अश्लील फिल्मे देखने के कारण होता है |

DHAAT ROG
धातु रोग
 इस तरह के क्रियाकलापों के बाद व्यक्ति अधिक कामुक महसूस करता है एवं अपनी वासनाओं की पूर्ति के लिए अप्राकृतिक मैथुन आदि को अपनाता है | अप्राकृतिक मैथुन के कारण उसे अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है जिनमे से एक है धातु दुर्बलता |
धातु दुर्बलता में व्यक्ति का वीर्य पतला हो जाता है जिसके कारण सम्भोग के समय वह जल्दी स्खलित हो जाता है | पेशाब के साथ वीर्य की लार निकलना , लिंग में अपूर्ण उत्थान , उत्थान से पहले ही लिंग से धातु का गिरना शुरू होना | इन्ही समस्याओ को धातु दुर्बलता कहा जाता है |
धातु दुर्बलता या धातु रोग के कारण
  • मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति जो अनर्गल रूप से अनेक प्रकार की चिंताओं से घिरा रहता है या किसी शौक में रहता है | इस प्रकार के व्यक्तियों में शरीर में स्थित धातुएं दूषित होकर धातु पतली हो जाती है और व्यक्ति धातु दुर्बलता का शिकार हो जाता है |
  • शरीर में किसी लम्बे समय से चली आ रही बीमारी के कारण या फिर शारीरिक दुर्बलता के कारण भी व्यक्ति को धातु रोग हो जाता है |

  • प्रयाप्त मात्रा में पौष्टिक भोजन जैसे – दूध, दही, मेवा, पौष्टिक आहार , दालें आदि का सेवन नहीं करता तब शरीर में – रस, रक्त, मांस, मेद, अस्थि, मज्जा और शुक्र का पर्याप्त मात्रा में निर्माण नहीं हो पाता | जिससे व्यक्ति की धातु पतली और कमजोर होकर वीर्य पतला हो जाता है , जिस कारण से धातु दुर्बलता या धात गिरना शुरू हो जाता है |

  • अधिक मात्रा में मिर्च मसाले वाले आहार खाने से भी धातु दुर्बलता या धातु रोग हो जाता है |
  • कमोतेजक पदार्थों का सेवन जैसे – लहसुन का अधिक सेवन , मांस , मदिरा, चाय कोफ़ी आदि का अधिक सेवन करने से भी मनुष्य की धातु दुर्बल या स्नायु दुर्बल होती है एवं व्यक्ति धातु रोग से पीड़ित हो जाता है |
लक्षण
धातु दुर्बलता के कारण शरीर में शारीरिक , मानसिक कमजोरी और थकान महसूस होती है | व्यक्ति चिडचिडे स्वाभाव का हो जाता है और शरीर में तरह – तरह के रोग पैदा हो जाते है | धातु रोग से पीड़ित व्यक्ति का शरीर जल्दी ही सूखने लगता है | इसके अलावा कामशक्ति की कमी , सम्पूर्ण अंगो में थकावट, अप्रसन्नता, काम में मन न लगना, उदासी, पेट के रोग , श्वास , खांसी, स्नायु दुर्बलता आदि रोग हो जाते है |
धातु दुर्बलता का घरेलु उपचार या धातु रोग की दवा
धात की दवा -“कामसुधा योग” है | स्वदेशी उपचार का यह उत्पाद धातु दुर्बलता, पेशाब के साथ धात गिरना एवं स्वप्नप्रमेह में बेहतरीन परिणाम देता है | इस दवा के निर्माण में 21 वाजीकरण जड़ी – बूटियों का इस्तेमाल किया गया है | बाजार में कामसुधा योग के मुकाबले की कोई दवा उपलब्ध नहीं |
सफ़ेद मुसली धातु दुर्बलता और स्नायु दुर्बलता में बहुत फायदेमंद है | इसलिए नित्य 10 ग्राम सफ़ेद मुसली का चूर्ण – देशी गाय के दूध के साथ निरंतर प्रयोग करने से धातु रोग ठीक हो जाता है | इस प्रयोग का उपयोग जब तक धातु दुर्बलता ठीक न हो जाए तब तक किया जा सकता है |
धातु दुर्बलता में नीमगिलोय (गिलोय जो नीम के पेड़ पर चढ़ी हुई हो) रामबाण औषधि और अचूक उपचार साबित होती है | सबसे पहले नीमगिलोय की कच्ची डंठल को छाया में सुखा ले , अच्छी तरह सूखने के बाद इमामदस्ते में इसे कूट कर महीन चूर्ण बना ले | इस चूर्ण का इस्तेमाल 5ग्राम की मात्रा में शहद के साथ नित्य 45 दिन तक करने से निश्चित ही धातु दुर्बलता या धातु रोग में आराम मिलता है | स्नायु दुर्बलता में भी फायदेमंद है |
अन्य उपचार
  • 1 गिलास पपीते का ज्यूस सेवन करने से धातु रोग में फायदा मिलता है |
  • कच्चे आंवले का रस निकाल ले | इस रस का सेवन सुबह भूखे पेट शहद के साथ करने से लाभ मिलता है |
  • उड़द की दाल के आटे को गाय के देशी घी में भून कर और इसमें देशी खांड मिलाकर इसके लड्डू बना ले | इन लड्डू का प्रयोग नित्य करने से भी यह रोग चला जाता है |
  • तुलसी के 3 ग्राम बीजो को नित्य दोपहर के खाने के बाद मिश्री मिलाकर सेवन करने से निश्चित ही लाभ मिलता है |
  • इलायची , बादाम और जावित्री को मक्खन और शक्कर के साथ नितमित प्रयोग करे |
  • सुबह उठते ही लहसुन की कच्ची कलियों का भैंस के दूध के साथ नियमित 15 दिन तक करे |
  • बाजार में मिलने वाले , अश्वगंधा और शतावरी को मिलकर नियमित सेवन करने से भी धातु दुर्बलता ठीक हो जाती है |
  • सर्दियों के मौसम में कौंच पाक का सेवन धातु रोग में बहुत फायदेमंद है | इसके साथ आप धातु पौष्टिक चूर्ण का भी प्रयोग कर सकते है |
  • साथ में धुतपपेश्वर ब्रांड का च्यवनप्राश का सेवन भी अच्छे परिणाम देता है |
धातु रोग में परहेज / क्या खाना चाहिए क्या नहीं !
धात की शिकायत होने पर अर्थात धातु रोग की स्थिति में रोगी को उचित औषधि के साथ कुछ परहेज रखने भी अतिआवश्यक होते है | धातु रोग से पीड़ित व्यक्ति को संतुलित एवं सुपाच्य भोजन का सेवन करना चाहिए | तासीर में गरम पदार्थ जैसे – अधिक मिर्च मसालेदार भोजन, फ़ास्ट फ़ूड, तेल से तली हुई चीजें, सड़ा – बासी खाना, नशीले पदार्थ आदि से परहेज रखना चाहिए |
रोगी को चाहिए की वह संयमित दिनचर्या एवं योगासनों को अपनाये ताकि उसे औषधि का अधिक लाभ मिले |
नोट
धातु दुर्बलता के अन्य उपचार में धातु पौष्टिक चूर्ण या कौंच पाक का इस्तेमाल कर सकते है | धातु पौष्टिक चूर्ण में नपुंसकता और धातु दुर्बलता को खत्म करने की सामर्थ्य है | अगर आप भी भंयकर कमजोरी से गुजर रहे है तो एक बार इस चूर्ण का इस्तेमाल जरुर करे | 15 दिन के लगातार प्रयोग से ही आप असर देखने लगेंगे |

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