Tuesday, July 16, 2019

Quick Acidity Treatments:- Upchaar, Tulsi k Patte, Gudd Mitha, Lassi, Sauff and Cold Milk

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Quick Acidity Treatments

  Acidity in Female
Acidity in Female
                  गर्मी के दिनों मे कब्ज होना आम बात है। ऊपर से हम भारतीय है तो हमलोगो का खाना पीना भी बहुत तीखा और मसालेदार होता है। इसीलिए हमलोग कब्ज और एसिडिटि के शिकार आसानी से हो जाते है।कब्ज हमारे शरीर के अन्दर गेस्टेरीक ग्लैंड्स मे एसिड के अधिक स्त्राव के कारण होता है। हमाँरा पेट खाये हुये भोजन को पचाने के लिए हर समय एसिड बनाता रहता है। कई बार कब्ज खाने के निश्चित समय मे अधिक अंतराल के कारण भी हो जाता है। जितना ज्यादा अंतराल होगा उतना ज्यादासa हमारा पेट खाली रहेगा और उतना ही ज्यादा एसिड पेट मे बनेगा है। पर इस से घबराने की कोई जरूरत नही है। आज हमलोग गैस ठीक करने के घरेलू उपचार के बारे मे बात करेंगे।

कब्ज या एसिडिटि ठीक करने के पाँच घरेलू उपाए

  Acidity in male
Acidity in Male

1.     तुलसी के पत्ते :-

  Tulsi k Patte
Tulsi k Patte

            तुलसी के पत्तों का आरामदेहक गूण एसिडिटि और कब्ज से तुरंत आराम दिलाता है। गैस के शुरुआती लक्षण नजर आते ही तुरंत मुह मे तुलसी के चार पाँच पत्ते मुह मे रख कर चाबाइए। या फिर ज्यादा गैस होने पे तुलसी के चार पाँच पत्ते एक कप पानी मे उबाल कर पीजिए और आप देखेंगे की आपकी एसिडिटि तुरंत ठीक हो जाएगा।


1. यौन रोगों के इलाज में
पुरुषों में शारीरिक कमजोरी होने पर तुलसी के बीज का इस्तेमाल काफी फायदेमंद होता है. इसके अलावा यौन-दुर्बलता और नपुंसकता में भी इसके बीज का नियमित इस्तेमाल फायदेमंद रहता है.
2. अनियमित पीरियड्स की समस्या में
अक्सर महिलाओं को पीरियड्स में अनियमितता की शिकायत हो जाती है. ऐसे में तुलसी के बीज का इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है. मासिक चक्र की अनियमितता को दूर करने के लिए तुलसी के पत्तों का भी नियमित किया जा सकता है.
3. सर्दी में खास
अगर आपको सर्दी या फिर हल्का बुखार है तो मिश्री, काली मिर्च और तुलसी के पत्ते को पानी में अच्छी तरह से पकाकर उसका काढ़ा पीने से फायदा होता है. आप चाहें तो इसकी गोलियां बनाकर भी खा सकते हैं.

4. दस्त होने पर

अगर आप दस्त से परेशान हैं तो तुलसी के पत्तों का इलाज आपको फायदा देगा. तुलसी के पत्तों को जीरे के साथ मिलाकर पीस लें. इसके बाद उसे दिन में 3-4 बार चाटते रहें. ऐसा करने से दस्त रुक जाती है.

5. सांस की दुर्गंध दूर करने के लिए

सांस की दु्र्गंध को दूर करने में भी तुलसी के पत्ते काफी फायदेमंद होते हैं और नेचुरल होने की वजह से इसका कोई साइडइफेक्ट भी नहीं होता है. अगर आपके मुंह से बदबू आ रही हो तो तुलसी के कुछ पत्तों को चबा लें. ऐसा करने से दुर्गंध चली जाती है.

2.     गुड़ या मीठा :-

Gudd Helps in Removing Acidity
Gudd
            हमलोग यह सोच के हैरान रहते है की बड़े हमेशा अपना भोजन कुछ मीठा खा के ही कीऊ खतम करते है। वो इसलिए किउकी इसमे बहूत ज्यादा मैग्नीशियम होता है जो की हमारे भोजन पाचन मे सहायता करते है। गुड हमलोग के पेट मे अलकलाइन बनाता जो की एसिड बन ने से रोकता है। इसीलिए खाना खाने क तुरंत बाद थोड़ा सा गुड मुह मे रख कर चबाइए इससे आपकी पाचन शक्ति मजबूत होगी।


1. पेट के लिए गुणकारी

गुड़ पेट से संबंध‍ित कई समस्‍याओं का रामबाण इलाज है. अगर आपको गैस या एसिड‍िटी की श‍िकायत है तो गुड़ खाने से लाभ म‍िलेगा. वहीं, गुड़, सेंधा नमक और काला नमक मिलाकर खाने से खट्टी डकारों से छुटकारा मिल जाता है. भोजन के बाद गुड़ खाने से डाइजेशन अच्‍छा रहता है. गुड़ खाने से भूख भी खुलती है.

2. दूर करे खून की कमी

गुड़ आयरन का बहुत बड़ा स्रोत है. अगर आपका हिमोग्‍लोबिन कम है तो रोजाना गुड़ खाने से तुरंत लाभ मिलने लगेगा. गुड़ खाने से शरीर में लाल रक्‍त कोश‍िकाओं की मात्रा बढ़ जाती है. यही वजह है कि प्रेग्‍नेंट महिलाओं को डॉक्‍टर गुड़ खाने की सलाह देते हैं. एनिमिया के मरीजों के लिए तो गुड़ अमृत के समान है.

3. कंट्रोल रहेगा ब्‍लड प्रेशर 

गुड़ ब्‍लड प्रेशर को कंट्रोल करने का काम भी करता है. खासतौर पर हाई ब्‍लड प्रेशर से परेशान लोगों को रोजाना गुड़ खाने की सलाह दी जाती है.

4. हड्ड‍ियां रहेंगी मजबूत 

गुड़ में भरपूर मात्रा में कैल्‍शियम और फास्‍फोरस पाया जाता है. यह दोनों तत्‍व हड्डियों को मजबूती देने में बेहद मददगार हैं. गुड़ के साथ अदरक खाने से जोड़ों के दर्द से छुटकारा मिलता है. 

5. शरीर बनेगा मजबूत और एक्टिव 

गुड़ शरीर को मजबूत और एक्टिव बनाए रखता है. शरीरिक कमजोरी दूर करने के लिए दूध के साथ गुड़ का सेवन करने से ताकत आती है और शरीर ऊर्जावान बना रहता है. अगर आपको दूध नहीं पसंद है तो एक कप पानी में पांच ग्राम गुड़, थोड़ा सा नींबू का रस और काला नमक मिलाकर सेवन करने से आपको थकान महसूस नहीं होगी। 

3.     लस्सी या छाछ :-

Thandi Lassi
Thandi Lassi
             क्या आप जानते लस्सी को आयुर्वेद मे सात्विक भोजन के रूप मे जाना जाता है। तो आगे से जब भी आपको मसालेदार या तीखा भोजन करने के बाद एसिडिटि या क़ब्ज होने का डर सताये तो छाछ या लस्सी का सेवन जरूर करे। यह आपके पेट के अंडर बढ़े हुये एसिड लेवेल को कम करता है। गर्मियों के दिनों में धूप की तपिश से बचने के लिए लोग लस्सी का सेवन करते हैं। लस्सी का सेवन करने से आपको कई पोषक तत्व आसानी से मिल जाते है। जैसे केल्शियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस आदि जो शरीर को स्वस्थ्य रखने में मदद करते हैं। इसे पीने के कई फायदे है आइए जानते हैं:

1. बॉडी हीट कंट्रोल करता है

लस्सी में मौजूद इलेक्ट्रोलाइट और पानी की मात्रा आपके शरीर की नमी को बनाए रखते हैं। साथ ही शरीर की गर्मी को भी नियंत्रित रखती है। 

2. इम्युनिटी पॉवर

लैक्टिक एसिड की मात्रा ज्यादा होने के कारण यह इम्युनिटी पॉवर को मजबूत बनाती है। 

3. पाचन तंत्र के लिए बेहतर

लस्सी में अच्छे बैक्टीरिया की मात्रा अधिक होती है जिस वजह से इसके सेवन से पूरा पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है। अगर आपको पेट से जुड़ी कोई दिक्कत है तो एक गिलास लस्सी पी लें कुछ ही देर में तकलीफ दूर हो जायेगी। लंच के बाद इसका सेवन सबसे उपयुक्त माना जाता है। 

4. एसिडिटी से राहत 

जो लोग हमेशा एसिडिटी की समस्या से परेशान रहते हैं उन्हें लस्सी का सेवन ज़रूर करना चाहिये। लस्सी की तासीर ठंडी होती है जिस वजह से हार्टबर्न या अपच की समस्या से राहत दिलाने में यह बहुत असरदार है।

5. वजन घटाने में कारगार

लस्सी में कैलोरी की मात्रा बबुत कम होती है और फैट भी नहीं होता है। यह फैट जो आम तौर पर पेट और भोजन नली के अंदर की दीवारों में जम जाता है उसको निकलने में मदद करता है।


4.     सौफ़्फ़ :-

Snauff
Snauff
            यदि आप एसिडिटि या क़ब्ज के सीकार हो चूके है तो आप सोफ़्फ़ को भी चबा कर अपना एसिडिटि या क़ब्ज दूर कर सकते है। या फिर आप सोफ़्फ़ की चाय बना कर भी पी सकते है। इसके लिए आप सबसे पहले किसी पतीली मे पानी चीनी और सोफ़्फ़ दाल कर 15 मिनट तक उबाले और फिर धीरे धीरे कर के पी ले। इससे आपकी एसिडिटि तुरंत ठीक हो जाएगी।


1. पाचन के लिए सौंफ के फायदे


सौंफ का उपयोग सबसे अधिक पाचन संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए किया जाता है। इसके एंटीस्पास्मोडिक (पेट और आंत में ऐंठन दूर करने वाली दवाई) और कार्मिनेटिव (एक तरह की दवा, जो पेट फूलने या गैस बनने से रोकती है) गुण इरिटेबल बाउल सिंड्रोम जैसी पेट की गंभीर समस्याओं से छुटकारा दिलाने में काफी कारगर होते हैं।

2. आंखों की रोशनी के लिए सौंंफ के फायदे


आंखों की छोटी-मोटी समस्याओं से छुटकारा दिलाने में भी सौंफ काफी कारगर साबित हो सकती है। अगर आपकी आंखों में जलन या फिर खुजली हो रही है, तो सौंफ की भाप आंखों पर लेने से राहत मिल सकती है। इसके लिए आप सौंफ को सूती कपड़े में लपेटकर हल्का गर्म करके आंखों को सेंक सकते हैं। ध्यान रहे कि यह अधिक गर्म न हो।

3. वजन कम करने में मददगार


फाइबर से भरपूर सौंफ बढ़ते वजन को नियंत्रित करने में भी लाभदायक हो सकती है। यह न सिर्फ वजन कम करने में सहायक होती है, बल्कि शरीर में अतिरिक्त वसा को बनने से भी रोकती है। कोरिया में हुए एक शोध के मुताबिक सौंफ की एक कप चाय पीने से भी बढ़ते वजन को रोका जा सकता है।

4. अस्थमा और अन्य श्वास संबंधी समस्याओं के लिए


एक इजिप्टियन शोध के मुताबितक सौंफ को सदियों से श्वास संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए उपयोग किया जा रहा है। यह ब्रोनिकल मार्ग को साफ कर श्वास क्रिया को दुरुस्त रखती है। न्यूट्रिशनल ज्योग्राफी की वेबसाइट के अनुसार फेफड़ों की सेहत के लिए सौंफ बहुत लाभदायक है। इसके अतिरिक्त, सौंफ में पाए जाने वाले पाइथोन्यूट्रिएंट्स अस्थमा के लिए भी फायदेमंद हो सकते हैं।

5. कब्ज से राहत


अनियमित दिनचर्या और खान-पान के कारण कब्ज की समस्या आम बात हो जाती है। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर सौंफ आपके कब्ज को छूमंतर करने में मदद कर सकती है। सौंफ का काढ़ा बनाकर पीने से बहुत हद तक कब्ज से छुटकारा मिल सकता है।

5.     ठंडा दूध :-

Cold Milk
Cold Milk
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ठंडा दूध सबसे बढ़िया और जल्दी आराम पाहुचाने वाला एक मात्र उपाए है। जो बहुत आपके एसिड या कब्ज को ठीक कर देता है। यदि आप अक्सर्र गैस के शिकार होते रहते है तो आप हमेशा अपने फ्रीज़ मे एक ग्लास दूध रखे आओर जब भी एसिडिटि बने तो तुरंत एक एक घूंट कर पी ले। आप देखेंगे की पीते क साथ ही धीरे धीरे आपकी एसिडिटि ठीक होने लगेगी। दूध का नाम सुनते ही कई लोगों की नाक-भौं सिकुड़ जाती है, पर यदि उन्‍हें ठंडे दूध के फायदों के बारे में पता चल जाए तो वे इसे कभी पीना नहीं छोड़ेंगे। ठंडा दूध ना केवल स्‍वास्‍थ्‍य से भरा होता है बल्‍कि टेस्‍ट में भी काफी लाजवाब माना जाता है।


1. मोटापा घटाए


 अगर आप बिल्‍कुल ठंडा दूध पियें तो शरीर को पहले उसे नॉर्मल तापमान पर लाने के लिये कैलोरी बर्न करनी पड़ेगी और फिर उसे पचाना पड़ेगा। इससे आपका मोटापा कंट्रोल में रहेगा।


2. एक्‍टिव बनाए


 हल्‍का गुनगुना दूध पीने से नींद आती है क्‍योंकि दूध में अमीनो एसिड ट्रिप्टोफान पाया जाता है जो कि दूध गर्म होने तथा स्‍टार्च वाले फूड के साथ पीने से दिमाग में घुस जाता है। मगर ठंडे दूध में प्रोटीन होने की वजह से ऐसा नहीं हो पाता और इसलिये इसको दिन में कभी भी पी सकते हैं।


3. पचने में आसान


 इसमें गैस को दबाने के गुण होते हैं जो कि खाना पचाने के लिये लाभकारी है। यह फैट, घी या तेल को आराम से पचा सकता है। अगर इसमें अररक या मिर्च मिला कर पिया जाए तो ज्‍यादा असरदार होता है।


4. शरीर को तर करे


 ठंडे दूध में एलेक्‍ट्रोलाइट्स होते हैं जो शरीर को डीहाइड्रेशन होने से रोकते हैं। अगर आप दिन में दो गिलास ठंडा दूध पियेंगे तो आपका शरीर हमेशा हाइड्रेट बना रहेगा। दूध पीने का सबसे अच्‍छा समय है कि इसे सुबह पिया जाए।

5. भूंख मिटाए 


खाना खाने के बाद अगर आपको बार बार भूख लगती है तो, आप ठंडा दूध पी सकते हैं। आप चाहें तो ठंडे दूध में ओट्स मिला कर भी खा सकते हैं।

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